नया साल

दिन फिर वही होंगे और वही होगी रात,
कुछ कच्चे बे-लम्स, कुछ गहरे जज़्बात।

हैरान कर जाएगा ज़माना किसी रोज़,
चैन ले जाएगा करके किसदिन मधहोश।

फिर दिल टूटेंगे ,फिर होगा बेहद मलाल,
पर फिर भी मुबारक हो तुमको नया साल.

एक हर्फ़ एक सिफर से एक ऊपर बुना,
एक पुराना तन पहने नया उजला लिबास.

वक्त किसका हुआ बोलो ...