Author Archives: Gayatri

About Gayatri

A storyteller. Poetry, fiction, Travel tales, CSR, Parenting, Images. Writing the bestseller called Life. Communication strategist. Freelance writer. Candid photographer @ImaGeees. I travel, thus I write. I write, therefore I am. Please mail at imageees@gmail.com for writing/photography assignments.

वंश वृद्धि

“किस तरह की माँ है ये ?” अखबार को टेबल पर रखते ही मेरे मुँह से आह निकली . नारी जननी से भक्षक कैसे बन सकती है? मेरे मन को ये सवाल लगातार कचोट रहा था। “क्या हुआ बहु जी … पढना जारी रखे

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पलाश के फूल

पतझड़ बसंत के मौसम में, आसाँ नहीं पलाश फूल होना. पल में आस्मां का सितारा, पल में ज़मीं में धूल होना. पत्तों को अलविदा कहते शाखों का ठूँठ का होना ! बरस हर बरस बहार बन, पाइयों तले मसल मरना। … पढना जारी रखे

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अहम् 

मर गया तो मै नहीं, फ़िर मै का अस्तित्व क्या, तस्वीरों की गुफ़्तगू से बस दीवारें ही सजती हैं!

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नया साल?

  बरसों से साल की शुरुवात एक कविता लिख कर करती हूँ. पिछले नए साल पर ये लिखा था, पर जवाब मिले नहीं अभी तक. सवाल बन कुछ इस तरह ज़हन में अटके पड़े हैं : क्या फिर वही होंगे … पढना जारी रखे

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स्वतंत्रता दिवस -एक लघु कथा

दीपू आज बहुत खुश था .इतना खुश कि ख़ुशी के मारे पूरी रात आँखों ही आँखों में काटी थी, बस कब सुबह हो और उसका ख्वाब पूरा हो! कल १५ अगस्त जो है . बापू ने उसे वादा किया था … पढना जारी रखे

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माँ

  कभी सोचा है माँ के काँधे कितने दुखते होंगे, नित नयी जिम्मेदारियों के तले और थोड़ा झुकते होंगे। कितनी उम्मीदें, आशाएं, उपेक्षाएं बाजुओं को खोंचती होंगी, वो दिन में मुसकुराती माँ, रात भर नींद में सिसकती होगी। छू के … पढना जारी रखे

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गुज़रा साल और तुम

तेरे आज और कल के दरमियान,
एक सदी गुज़र गयी एक साल मे. पढना जारी रखे

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