नया साल?

 

बरसों से साल की शुरुवात एक कविता लिख कर करती हूँ. पिछले नए साल पर ये लिखा था, पर जवाब मिले नहीं अभी तक. सवाल बन कुछ इस तरह ज़हन में अटके पड़े हैं :

क्या फिर वही होंगे दिन ,वोही होंगी रात ?
कुछ कच्चे बे-लम्स या होंगे गहरे जज़्बात ?

क्या हैरान कर पायेगा ज़माना किसी रोज़ ?
या चैन लेकर जाएगा करके कभी मदहोश ?

फिर दिल टूटेंगे तो क्या होगा बेहद मलाल ?
चलो फिर भी मुबारक हो तुम्हें नया साल.

एक हर्फ़ एक सिफर से एक ऊपर बुनकर ,
एक पुराना तन पहने नया उजला लिबास.

*
 
 फिर कुछ दिन पहले पढ़ा था , फैज़ अहमद फैज़ क्या कह कर गए हैं नए साल के लिए  :
 

ऐ नये साल बता, तुझ में नयापन क्या है?
हर तरफ ख़ल्क ने क्यों शोर मचा रखा है?

रौशनी दिन की वही, तारों भरी रात वही,
आज हमको नज़र आती है हर बात वही।

आसमां बदला है अफसोस, ना बदली है जमीं,
एक हिन्दसे का बदलना कोई जिद्दत तो नहीं।

अगले बरसों की तरह होंगे करीने तेरे,
किसे मालूम नहीं बारह महीने तेरे।

जनवरी, फरवरी और मार्च में पड़ेगी सर्दी,
और अप्रैल, मई, जून में होवेगी गर्मी।

तेरे मान-दहार में कुछ खोएगा कुछ पाएगा,
अपनी मय्यत बसर करके चला जाएगा।

तू नया है तो दिखा सुबह नयी, शाम नई,
वरना इन आंखों ने देखे हैं नए साल कई।

बेसबब देते हैं क्यों लोग मुबारक बादें,
गालिबन भूल गए वक्त की कडवी यादें।

तेरी आमद से घटी उमर जहां में सभी की,
‘फैज’ नयी लिखी है यह नज्म निराले ढब की।


*

 और मिर्ज़ा ग़ालिब बेशक कह गए थे  :

बाजीचा ऐ इ त्फाल है दुनिया मेरे आगे
होता है शब-ओ -रोज़ तमाशा मेरे आगे।

*

पर ये तमाशा देख जो हूक उठती है , उसका क्या करें ?

तमाशा :

फिर वही शोर उठेगा ,फिर वही तमाशा होगा, 

फिर वही आग लगेगी, फिर वही  धुआं होगा ।

क्या होगा ?  क्या होगा ?

शोर था, ठहर जाएगा, घाव था, भर  जाएगा 

पर,

जो मवाद घुल गया है , हवाओं में, शहर दर शहर ,

दौड़ रहा है खौलते ख़ून में ,नफरत से लिपट कर। 

घुट रही हैं सांसें जिसकी ,सियासती गिरफ्त  में  ,

वो बेकस आदमी, बौराई भीड़ में खोया , उलझा, 

किधर जाएगा, किधर जाएगा, किधर जाएगा ?

***

चलो फिर भी मुबारक नया साल.

About Gee

In Medias Res. A storyteller. Abstract Painter. Resin Jewellery Maker. Swears by Poetry & Fiction. Bitten by travel bug. Writing the bestseller called Life. Candid photographer @ImaGeees. Please mail at artbyygee@gmail.com for commissioned art work or to buy handmade resin jewellery.
यह प्रविष्टि कविता में पोस्ट और , , , , , टैग की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

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