एक बाल कविता

राजू से शेखर मिले,

कर कर लम्बे हाथ.
कर कर लम्बे हाथ मिले तो चमकी किस्मत
और दूर हुई उनके जीवन में फैली खट – पट.
दूर हुई खट – पट तो उनका मन मुस्काया,
और खेल – कूद का मौसम फिर से वापिस आया.
इसी तरह ‘गर सब जन मिलते,
कर कर लम्बे हाथ;
ह़ंसी खुशी का राज हो दिल में,
जग में हो उल्लास
Advertisements

About Gayatri

A storyteller. Poetry, fiction, Travel tales, CSR, Parenting, Images. Writing the bestseller called Life. Communication strategist. Freelance writer. Candid photographer @ImaGeees. I travel, thus I write. I write, therefore I am. Please mail at imageees@gmail.com for writing/photography assignments.
यह प्रविष्टि कविता में पोस्ट और टैग की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

7 Responses to एक बाल कविता

  1. AlbelaKhatri.com कहते हैं:

    waah !
    anand aaya !
    badhaai !

    Like

  2. सुनील मंथन शर्मा कहते हैं:

    achchhi kavita

    Like

  3. संगीता पुरी कहते हैं:

    बहुत सुंदर सीख देती रचना…

    Like

  4. गायत्री कहते हैं:

    बहुत सहज भाषा में बहुत गहरी बात कह गए आप । शुक्रिया शेखर जी ।

    Like

  5. प्रदीप मानोरिया कहते हैं:

    सुन्दर सी कविता सहज भाषा गहेरी अभिव्यक्ति
    मेरे ब्लॉग पर पधार कर “सुख” की पड़ताल को देखें पढ़ें आपका स्वागत है
    http://manoria.blogspot.com

    Like

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s