Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for अगस्त 16th, 2011

अपने ही शहर मे आये है एक अजनबी की तरह दबे कदमो का बोझा लिये तेरी आहट ने भी पराया कर दिया था यहा हमको तू वो रहनुमा नही जिसे मेरी निगाह तलाशे सदा फिर क्यू दोबारा तेरी ही चौखट पे ला खडा कर रुसवा कर दिया हमको सान्से चलती है अबतक राते देर तक [...]

Read Full Post »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.