Reposting An Old Poem यू टर्न हर क़दम संभल के रखो हर हरफ़ वज़न कर कहो कल् क्या पता हो न हो लाइफ में यू- टर्न नही है ….. हर रिश्ता खुल के जियो शक को जगह कोई न दो जो कहना है आज कहो कल की कोई शाख नही है …….. नाराज़ हो कर [...]
Archive for अगस्त 6th, 2011
यू टर्न
Posted in कविता, tagged hindi, Networked Blogs, Poem, Twitter on अगस्त 6, 2011 | 1 Comment »
