अपने ही शहर मे आये है एक अजनबी की तरह दबे कदमो का बोझा लिये तेरी आहट ने भी पराया कर दिया था यहा हमको तू वो रहनुमा नही जिसे मेरी निगाह तलाशे सदा फिर क्यू दोबारा तेरी ही चौखट पे ला खडा कर रुसवा कर दिया हमको सान्से चलती है अबतक राते देर तक [...]
Archive for अगस्त, 2011
एक अजनबी की तरह
Posted in कविता, tagged hindi, networked blog, Poem, Twitter on अगस्त 16, 2011 | 4 Comments »
सूखी बाओली ,अन्धेरी गहरी
Posted in कविता, tagged hindi, Poetry, Twitter on अगस्त 15, 2011 | Leave a Comment »
तुम्हारे दिल तक जाता हर रस्ता तन्ग दरीचो से गुज़र निकलता है कुछ बन्द दरवाज़े दरमिया आते है खयालो पे हर वक़्त पहरा रह्ता है उम्मीद की नन्ही किरन का टीका सहेज सर माथे पे क्या लगा पाओगे मै उफ़नता ,उमडता प्रेम दरिया हू तन्ग गलियो मे क्या बसा पाओगे सब से छुप के गमो [...]
यू टर्न
Posted in कविता, tagged hindi, Networked Blogs, Poem, Twitter on अगस्त 6, 2011 | 1 Comment »
Reposting An Old Poem यू टर्न हर क़दम संभल के रखो हर हरफ़ वज़न कर कहो कल् क्या पता हो न हो लाइफ में यू- टर्न नही है ….. हर रिश्ता खुल के जियो शक को जगह कोई न दो जो कहना है आज कहो कल की कोई शाख नही है …….. नाराज़ हो कर [...]
