लफ्जों में दुआओं का असर फूंक देंगे
गम जहन की परतो में दफ्न कर लेंगे
Archive for जुलाई, 2011
तेरी जीवनसंगिनी
Posted in कविता on जुलाई 24, 2011 | 1 Comment »
गुरुत्वाकर्षण रूल भुलाते हो
Posted in समय on जुलाई 21, 2011 | 4 Comments »
नभ के तारे दोस्त है मेरे
सब राज़ बतलाते है
जब चाँद खर्राटे लेता है
वों धरती पर आ जाते है
